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Showing posts from March, 2018

कोई हादसा हो गया होगा ।

कोई हादसा हो गया होगा । वो चलते-चलते सो गया होगा ।
बदहवास गलियों में फिरता है, कोई अपना खो गया होगा ।
मेरे दुशमनों को फुरशत कहाँ है, कोई दोस्त ही कांटे बो गया होगा ।
वो आज-कल मुंह छिपाता फिरता है। रूबरू आईने से हो गया होगा ।
प्रसाद' मेरा कफन अब भी गिला है, कोई छुप-छुप के रो गया गया होगा !

There must have been an accident!
He must have slept on the go!

The crap wanders in the streets,
  Someone will be lost!

My enemies do not fail,
  Some friends will have thorns!

  She keeps hiding away today,
  Rubber must have been done by the mirror!

Prasad 'My shroud is still clothed,
  There must have been a cry of hiding!