भँवर है लहर है किनारा नहीं है। ये मजघार है पर सहारा नहीं है। चलो आजमाएं खुदी हौसले को, हमीं हम है कोई हमारा नहीं है। जिन्हें जीतना हो, वो खुद से ही लड़ ले, किसी और से कोई हारा नहीं है। जमीन पर जो मां है, वो दोनों जहां क्या, फलक पे भी ऐसा सितारा नहीं है। जहां देखता था, वहां तुम ही तुम थे, नजर है मगर अब नजारा नहीं है। बहुत दिल किया था चलो लौट जायें, मगर कोई हमको पुकारा नहीं है। उठेगा चलेगा भले गिर गया है, अभी हौसला वो भी हारा नहीं है। जहाँ तुम नहीं हो वहाँ भी है खुशियाँ, मगर कोई तुमसा ही प्यारा नहीं है।
२१२ २१२ २१२ २१२ अपने हालात पे यूँ ही लाचार है । हम कभी आम थे अब तो आचार हैं भूख हमको लगी रोटियाँ मांग ली, तब से उनके नजर मे गुनहगार हैं । जो दवा दे गया दर्दे दिल का हमें , सुन रहा इन दिनों वो भी बीमार हैं । चोर सब मिल गये पहरेदारों से फिर , की सियासत जरा अब वो सरकार है । थी दुवा मांग ली चंद खुशियाँ मिले, हाथ उस दिन से दोनों ही बेकार है ।