Wednesday, 26 October 2016

न टूटे

ज़माना छोड़ दे तन्हा,नजर सायें भी न आये ।
तुम इतना दुआ करना कि अपना साथ न छूटे ।।

भले मझधार में हो कश्ती तूफा कहर बरपाये।
तुम इतना हौसला रखना मेरा हाथ न छूटे।।

शौक से मुस्कुराना तुम तुम्हारे मुस्कुराने से
मगर ये ख्याल भी रखना किसी का दिल कही न टूटे।।

महफ़िल है तो महफ़िल में बहुत् होंगे शिकायते
किसी के रूठ जाने से  मगर ये महफ़िल न टूटे।

1 comment:

  1. सुंदर काफ़िया मिलाय हैं, बहुत बहुत बधाई।

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